सफ़ेद पानी का घरेलू – सरल उपचार

योनी मार्ग से सफेद पानी का निकलना श्वेत प्रदर या leucorrhoea कहलाता है। योनि मार्ग से सफ़ेद पानी निकलना स्वाभविक प्रक्रिया है। इसको हमेशा रोग नहीं समझना चाहिए। यह कुछ मामलो में योनि से सफ़ेद पानी निकलता है जैसे : कामोच्छा होने पर, गर्भवस्था में, माहवारी होने से पहले।

यदि योनि से सफ़ेद रंग का गंध रहित द्रव निकले तो वह कोई रोग नहीं होता है।
लेकिन यदि योनि से सफ़ेद रंग का गाढ़ा बदबूदार पदार्थ निकले तो यह रोग की निशानी है।
इसका इलाज जल्द से जल्द करवाना चाहिए।

सफ़ेद पानी या स्वेत प्रदर में शरिर मे कमजोरी आती है, चक्कर आता है, बदन में दर्द होता है। चेहरे की रौनक ख़त्म सी हो जाती है। सफ़ेद पानी जिसको श्वेत प्रदर भी कहा जाता है, महिलाओं का कष्ट दायक रोग है, जिसमे महिलाओं की योनी से सफ़ेद तरल पदार्थ निकलता है, और बहुत गन्दी बदबू आती है, इस रोग से ग्रसित रोगिणी उदास और चिडचिडी रहती है। यदि आपको भी यह समस्या है तो, आपको निराश होने की जरुरत नहीं है यहाँ आपको कुछ सरल सफ़ेद पानी के रामबाण घरेलु नुस्खे बताने जा रहे है। जिनको आप नियमित रूप से करके लाभ ले सकते है।

घरेलू उपचार:

आंवला :

आंवले को सुखाकर अच्छी तरह से पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें, फिर इसी बने चूर्ण की 3 ग्राम मात्रा को लगभग 1 महीने तक रोज सुबह-शाम को पीने से स्त्रियों को होने वाला श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) नष्ट हो जाता है।

सफेद मूसली:

का चुर्ण और ईसबगोल का सेवन करके भी श्वेत प्रदर के रोग से निजात पाई जा सकती हैं. श्वेत प्रदर के रोग से मुक्ति पाने के लिए मूसली का चुर्ण लें और ईसबगोल लें. अब इन दोनों का सेवन एक साथ करें. ईसबगोल और मूसली के चुर्ण का सेवन करने से यह रोग जल्दी ही ठीक हो जायेगा|

गाजर :

गाजर, पालक, गोभी और चुकन्दर के रस को पीने से स्त्रियों के गर्भाशय की सूजन समाप्त हो जाती है और श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) रोग भी ठीक हो जाता है।

मेथी :

मेथी के चूर्ण के पानी में भीगे हुए कपड़े को योनि में रखने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) नष्ट होता है।
रात को 4 चम्मच पिसी हुई दाना मेथी को सफेद और साफ भीगे हुए पतले कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर अन्दर जननेन्द्रिय में रखकर सोयें। पोटली को साफ और मजबूत लम्बे धागे से बांधे जिससे वह योनि से बाहर निकाली जा सके। लगभग 4 घंटे बाद या जब भी किसी तरह का कष्ट हो, पोटली बाहर निकाल लें। इससे श्वेतप्रदर ठीक हो जाता है और आराम मिलता है।

मेथी-पाक या मेथी-लड्डू खाने से श्वेतप्रदर से छुटकारा मिल जाता है, शरीर हष्ट-पुष्ट बना रहता है। इससे गर्भाशय की गन्दगी को बाहर निकलने में सहायता मिलती है।

गर्भाशय कमजोर होने पर योनि से पानी की तरह पतला स्राव होता है। गुड़ व मेथी का चूर्ण 1-1 चम्मच मिलाकर कुछ दिनों तक खाने से प्रदर बंद हो जाता
है।

सेवन विधि और मात्रा:

1 गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें। इसे गाढ़े किये हुए दूध के साथ लें। इसे भोजन करने के बाद लें।

मन्मथ रस का उपयोग से स्त्रियों द्वारा इसका सेवन श्वेत प्रदर को दूर करता है। इसके सेवन से गर्भाशय मज़बूत हो जाता है तथा ओवरी की कमजोरी, शिथिलता भी दूर हो जाती है। यह स्त्रियों की गर्भधारण की शक्ति को बढ़ाता है।

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