भूख ना लगने पर उपचार


1. इमलीः

भूख नहीं लगने की स्थिति में इमली को उबाल व छानकर, ठंडा करके पीने से काफी लाभ होता है। यदि इस रस में एक लौंग, काली मिर्च व इलायची मिला दी जाए तो इसके गुणों में वृद्धि हो जाती है।

2. अनारः

पाचन संबंधी रोगों में अनार काफी उपयोगी सिद्ध होता है। इसके प्रयोग से भूख बढ़ती है तथा यह पाचन शक्ति को दुरुस्त कर देता है। काली मिर्च (आधा चम्मच), सेका हुआ जीरा (एक चम्मच), सेकी हुई हींग (चने के दाने के बराबर), सेंधा नमक (स्वादानुसार) व अनारदाना (70 ग्राम)-इन सबको पीस लें तथा इनकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। चाहें तो चूर्ण के रूप में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। अनारदाने की यह स्वादिष्ट गोलियां भोजन के प्रति अरुचि को नष्ट कर भूख बढ़ाती हैं।

3. फालसाः

सेंधा नमक और काली मिर्च को फालसे के साथ मिलाकर खाने से भूख बढ़ती है।

4. किशमिशः

किशमिश, छुहारे व इमली की चटनी को भोजन के साथ खाने से अरुचि दूर हो जाती है।

5. अदरकः

आधा चम्मच अदरक का रस व आधा चम्मच शक्कर दोनो को मिलाकर भोजन के बाद लें। इससे भूख बढ़ेगी। एक से तीन ग्राम अदरक को छीलकर खूब अच्छी तरह साफ कर बारीक कतरकर और इसमें थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर भोजन से आधा घंटा पहले लें | ऐसा करने से भूख खुल जाती है तथा भोजन के प्रति अरुचि समाप्त हो जाती है।

6. खुबानीः

खुबानी का गूदा आंतों को नरम बनाकर उनमें फंसा हुआ पुराना मल बाहर निकाल देता है। इसलिए कब्ज के समय इसका उपयोग उपयुक्त औषधि है।

7. आलूबुखाराः

आलूबुखारा के प्रयोग से भूख में वृद्धि होती है तथा इसका विशेष रस भोजन को पचाने में सहायता करता है।

8. नीबू:

एक गिलास पानी में एक नीबू निचोड़कर पीएं स्वादानुसार नमक भी डाला जा सकता है। इससे भूख में वृद्धि होगी व अपच दूर होगी।

9. खीराः

भोजन से पूर्व खीरा, प्याज व सलाद के पत्तों में काला नमक व नीबू का रस मिलाकर सेवन करने से भूख खुलती है तथा पाचक रसों की उत्पत्ति होती है।

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