गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य गर्भावस्था में एनीमिया (Anemia in pregnancy se garbhavastha ki dekhbhal)

एनीमिया से हिमोग्लोबिन कम होता है। हिमोग्लोबिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सब उतकों, नाल को ऑक्सीजन ले जाने और भ्रूण के लिए है। अगर आरबीसी में हिमोग्लोबिन का स्तर कम होता है तो नाल, उतक और गर्भ में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे शिशु जन्मदर में गिरावट आती है इसका कारण यह है की भ्रूण को पर्याप्त पोषण नही मिल पता है।

एनीमिया के लक्षण (Symptoms of anemia)

1. यदि हिमोग्लोबिन का स्तर 7 या उससे कम है तो वह व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित है।
2. थकान महसूस होना, चिडचिडापन, चीजों पर ध्यान न लगा पाना, साँस लेने में तकलीफ होना।

निदान (Diagnostics)

– जब आपको ऊपर दिए हुए लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाए और हिमोग्लोबिन की जाँच कराये। हिमोग्लोबिन के अलावा विटामिन बि12, फोलिक एसिड और आयरन की मात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इससे नौ महीने तक शिशु को पूर्ण विकसित होने में मदद मिलती है। आपको इन दवाइयों को मौखिक रूप से लेने की बजाय पर्याप्त आहार के साथ लेना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स विटामिन बी12 से युक्त भोजन (Foods rich in vitamin B12)

– दही, गाय का दूध, अंडे, चिकन, पनीर, सोयाबीन का दूध।

गर्भावस्था में भोजन फ्लोरिक एसिड युक्त आहार (Foods rich in folic acid)

– अंडे की जर्दी, सोया उत्पाद, बादाम, मीठे आलू, गेहूं का आटा, पालक, चुकंदर, पत्ता गोभी, केले, संतरे, फूल गोभी।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास टिप्स आयरन युक्त भोजन (Foods rich in iron)

राजमा, डार्क चोकलेट, नारियल पाउडर, काजू, आलू, सूरजमुखी के बीज, तिल्ली, मटर…

इन आहार युक्त आहार का सेवन करे जो शिशु के लिए अच्छा और सुरक्षित होगा।

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