आँखों की प्राकृतिक चमक और सुंदरता

आंखे धोने के लिए त्रिफला -जल प्रात: मुह में साधारण पानी भरकर गाल फुलाते हुए त्रिफला -जल से हलके छींटे देते हुए आंखे धोए | इस प्रकार आँखों को रोज़ धोने से समस्त नेत्र रोज़ मिटते है और नेत्रों की ज्योति मंद नहीं होती | यदि नेत्रों के कारन सर दर्द होता हो तो वह भी ठीक हो जाता है |पलकें और भौहों के बाल काले बने रहते है| नेत्रों का पीलापन ,जलन ,खुजली मिटती है और नेत्रों में प्राकृतिक चमक पैदा होती है |

सहायक उपचार

१ खाने के लिए घर में बना त्रिफला चूर्ण और पिसी हुई मिश्री सामान मात्रा में मिलाकर बारीक खरल करके एक साथ सिशी में भर ले |इसमें से चार ग्राम(एक चमच) की मात्रा लेकर उतना ही शहद मिलाकर खली पेट प्रात: साय चाटने और ऊपर से २५० दूध पीने से दो-तीन मास में आँखों के सभी रोग दूर हो जाते है और आंखे निर्मल होकर चमकने लगती है | यह एक रसायन है और इसके सेवन -काल में यदि सात्विक भोजन करे और यथाशक्ति ब्रहाचर्य पालन करे तो शीघ्रः लाभ होता है और नेत्र ज्योति बुढ़ापे में भी नवयुवक के सामान बनी रहती है|

२ आँखों को सूंदर बनाने के लिए उपरोक्त त्रिफला -जल से सुबह आंखे धोने के बाद बादाम के तेल या जैतून के तेल की आँखों के चारो ओर नरमी से मालिश करे तो आँखों के पपोट चिकने व् कोमल बनेगे तथा आँखों के चारो ओर की त्वचा पुष्ट बनेगी |

पलके और भौहें-घनी व् चमकदार बनाना:-

आँखों की पलकों और भौहों पर बाल नही होने पर सप्ताह में दो-तीन बार,रात्रि सोते समय ,एरण्ड के तेल को लगाए | पलकों और भौहों पर बाल उत्पन होने लगेंगे |बरोनिया घनी होगी | भौहों की सुंदरता बनाये रखने के लिए सीर में तेल लगते समय उंगलियो को भौहों पर नित्य फेरते रहना चाहिए |

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